Wednesday, November 25, 2009

कासे कहूं

मेरा नाम शैलेन्द्र कुमार झा है। मैं मधुबनी ,बिहार का मूल निवासी हूं। फ़िलहाल मैं चंडीगढ़ में एक फ़ार्मा कम्पनी में काम करता हूं। लगभग साल भर से तमाम ब्लाग पढ़ने के बाद मैं आज से अपना ब्लाग शुरू कर रहा हूं।

22 comments:

  1. अभी अभी अनूप जी से पता चला आपके बारे में.. हमारी शुभकामनाये आपके साथ है.. जल्द ही अपनी पोस्ट लेकर आइये..

    ReplyDelete
  2. हिन्दी चिट्ठाजगत में स्वागत है।

    ReplyDelete
  3. आपका स्वागत है जी!!
    वैसे भी एक साल आप केवल पढ़ते रहे ? यह कोई कम कलेजे का काम था?
    स्वागतम !!!!

    ReplyDelete
  4. स्वागत है. चिट्ठा चर्चा से सीधे यहीं आये हैं.

    ReplyDelete
  5. .

    Shailendra ji,

    There is no post from you even after an year now. Why so ?

    Do write a post. Am looking forward to it.

    .

    ReplyDelete
  6. स्वागत है आपका संजय

    बस धडा-धड लिखना शुरू किजिये

    शुभाकांक्षा!!

    ReplyDelete
  7. बरखुदार आपका भी स्वागत है
    जिस रोज पोस्ट लगाएं खबर दें
    ताकि हम भी खबर लें

    ReplyDelete
  8. adarniya bandhu-bandhvi......

    hum aap sabhi ke sadikshaon ko palan karne me
    sarbtha asmarth hoon.....

    mujhe iske bare kuch nahi pata hai...........

    likh-padh sakta hoon lekin likhoon kaise is
    takniki yukt page par.....

    margdarshan karen....

    sadar

    shailendra/sanjay....log isi nam se jante hain....aur khud ko bhi isi nam se pahchanta
    hoon.....jindgi ke campas par safalta ki degree itni satah pe rah gaya ki certificate
    nam ko khud hi certified nahi kar paye......

    ReplyDelete
  9. अच्छे बच्चे लगते हो ! अभी ब्लाग शुरू नहीं कर पाए और काम सीधे बिग बॉस पर करना चाहते हो ! हिम्मती लगते हो ! ब्लॉग समस्या क्या है ?? ईमेल पर लिखें !
    शुभकामनायें !

    ReplyDelete
  10. आपको परिवार एवं इष्ट स्नेहीजनों सहित दीपावली की घणी रामराम.

    रामराम

    ReplyDelete
  11. प्रारंभ कीजिये लिखना ..और फिर देखिये ब्लॉग्गिंग का कमाल..स्वागत ..शुभकामनायें
    चलते -चलते पर आपका स्वागत है

    ReplyDelete
  12. गजब का धीरज है आपका, (या कोई और बात है). खैर, स्‍वागत है आपका.

    ReplyDelete
  13. Nice post .
    औरत की बदहाली और उसके तमाम कारणों को बयान करने के लिए एक टिप्पणी तो क्या, पूरा एक लेख भी नाकाफ़ी है। उसमें केवल सूक्ष्म संकेत ही आ पाते हैं। ये दोनों टिप्पणियां भी समस्या के दो अलग कोण पाठक के सामने रखती हैं।
    मैं बहन रेखा जी की टिप्पणी से सहमत हूं और मुझे उम्मीद है वे भी मेरे लेख की भावना और सुझाव से सहमत होंगी और उनके जैसी मेरी दूसरी बहनें भी।
    औरत सरापा मुहब्बत है। वह सबको मुहब्बत देती है और बदले में भी फ़क़त वही चाहती है जो कि वह देती है। क्या मर्द औरत को वह तक भी लौटाने में असमर्थ है जो कि वह औरत से हमेशा पाता आया है और भरपूर पाता आया है ?

    ReplyDelete
  14. आपका वेसब्री से इंतजार है।

    ReplyDelete
  15. ब्लॉग के दुनिया में आपका स्वागत है ..लेकिन पहले पढ़ाई फिर ब्लोगिंग ...हार्दिक शुभकामना

    ReplyDelete
  16. आपका स्वागत है जी!!

    ReplyDelete
  17. मैं भी विहार का रहने वाला हूँ,गांव एवं पोस्ट छतनवार, जिला बक्सर।वर्तमान में वायु सेमा से रिचायर्ड होकर कोलकाता में भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय में हिंदी अनुवादक के पद पर कार्यरत हूं।आपका स्वागत है मेरे पोस्ट पर।

    ReplyDelete
  18. स्वागत है.
    कभी समय मिले तो हमारे ब्लॉग//shiva12877.blogspot.com पर भी अपने एक नज़र डालें ..

    ReplyDelete